भरतपुर के सरकारी स्कूल पर छात्रों ने खुद जड़ा दिया ताला, पढ़ाई छोड़ धरने पर बैठे, जानें आखिर क्यों भड़का Gen-Alpha जनरेशन का गुस्सा?

VISHNU AGRAWAL EDITOR DAILY INDIATIMES
भरतपुर के सरकारी स्कूल पर छात्रों ने खुद जड़ा दिया ताला, पढ़ाई छोड़ धरने पर बैठे, जानें आखिर क्यों भड़का Gen-Alpha जनरेशन का गुस्सा?Bharatpur Uchain Sanskrit School Protest: राजस्थान के भरतपुर में एक सरकारी संस्कृत विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने शिक्षकों की कमी से नाराज होकर स्कूल पर ताला जड़ दिया और धरने पर बैठ गए. प्रशासन के पुराने वादे पूरे नहीं होने से गुस्सा और बढ़ गया. आखिर क्या है पूरा मामला, जानिए इस रिपोर्ट में.
Rajasthan school protest: देशभर में और दिल्ली के जंतर मंतर पर NEET पेपर लीक को लेकर हुए Gen-Z के विरोध प्रदर्शनों के बाद अब Gen-Alpha जनरेशन के बच्चों का एक प्रदर्शन सबका ध्यान खींच रहा है. ताजा मामला राजस्थान के भरतपुर जिले है. यहां के उच्चैन ग्राम पंचायत के सैदपुरा स्थित राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विद्यालय में छात्र-छात्राएं, उनेक परिजन और ग्रामीण स्कूल में ताला लगाकर अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं. क्या है पूरा मामला, आखिर क्यों ये छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और क्या हैं इनकी मांगें? आइए इस खबर में विस्तार से जानते
पहले क्या है पूरा मामला?
दरअसल, प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं का कहना है कि राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विद्याल में शिक्षकों की कमी है. ऐसे में पढ़ाई ठप होने से परेशान बच्चों ने ग्रामीणों और अपने परिजनों के साथ मिलकर स्कूल के मुख्य दरवाजे पर ताला जड़ दिया और बाहर धरने पर बैठ गए. बताया जा रहा है कि इससे पहले भी छात्रों ने 13 जुलाई को स्कूल में तालाबंदी कर विरोध दर्ज कराया था. उस वक्त प्रशासनिक अधिकारियों ने पांच दिनों के भीतर नए शिक्षकों की तैनाती का भरोसा दिलाया था. हालांकि काफी दिन बीत जाने के बाद भी कोई कदम नहीं उठाया गया. इससे परेशान छात्र अब एक बार फिर धरने पर बैठ गए हैं.
3 घंटे बाद भी नहीं पहुंचे अधिकारी, धरने पर डटे रहे बच्चे
स्कूल स्टाफ ने बच्चों द्वारा की गई तालाबंदी और विरोध प्रदर्शन की तुरंत जानकारी विभागीय अधिकारियों को दी. आरोप है कि इसके बावजूद लगभग तीन घंटे बीत जाने तक भी कोई भी प्रशासनिक अधिकारी स्थिति का जायजा लेने मौके पर नहीं पहुंचा. ऐसे में स्कूली छात्र विभागीय उदासीनता के बीच अपनी मांगों को लेकर स्कूल के बाहर लगातार धरने पर डटे रहे.
संस्कृत शिक्षा विभाग के उप निरीक्षक ने दी सफाई
इस बीच शिक्षकों की कुल संख्या और खाली पदों को लेकर स्थिति पर संस्कृत शिक्षा विभाग भरतपुर के वरिष्ठ उप निरीक्षक विष्णु कुमार ने जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इस स्कूल में कुल 730 छात्र-छात्राएं पढ़ाई करते हैं. विद्यालय में कुल 23 शिक्षकों के पद स्वीकृत हैं, जिनमें से वर्तमान में केवल 14 शिक्षक ही तैनात हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी 9 पद खाली चल रहे हैं और इन खाली पदों को भरने के लिए शिक्षा निदेशालय को पत्र भेजा जा रहा है.
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने ट्वीट कर सरकार पर बोला हमला
इस घटनाक्रम को लेकर राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने लिखा कि मुख्यमंत्री के गृह जिले में मासूम बच्चों को पढ़ाई छोड़कर अपने ही स्कूल के गेट पर ताला लगाने को मजबूर होना पड़ा है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की भाजपा सरकार शिक्षा व्यवस्था के प्रति पूरी तरह संवेदनहीन और नाकाम साबित हो रही है, जिससे राज्य में शिक्षा व्यवस्था बर्बादी की कगार पर पहुंच गई है.
