
AI का सही इस्तेमाल जैसे वरदान और INSTAGRAM युवा पीडी के लिए घातक, साथ ही बिना Research कोई Success फ़ार्मूला नहीं: Dr. Ishaan
VISHNU AGRAWAL/EDITOR/DAILY INDIATIMES DIGITAL JOURNALISM PLATFORM/17082026
EXCLUSIVE PODCAST WITH DR. ISHAAN TAMHANKAR (PROFESSOR) VIMAL TORMAL PODDAR BCA COLLEGE, SURAT, GUJARAT

DAILY INDIATIMES DIGITAL NEWS PLATFORM के EDITOR VISHNU AGRAWAL के साथ एक EXCLUSIVE PODCAST में PROFESSOR ISHAAN TAMHANKAR ने AI, CHAT GPT , SOCIAL MEDIA और शिक्षा में Research से जुड़े सभी गंभीर सवालों के बेबाक जवाब दिए
DR. ISHAAN TAMHANKAR ने जोर देते हुए कहा कि RESEARCH ही सभी क्षेत्रों में सफलता का सही रास्ता है और बिना Research या अधूरी जानकारी के Success का कोई फ़ार्मूला नहीं है

Dr. Ishaan ने AI, CHAT GPT को मौजूदा समय में वरदान बताते हुए कहा कि सकारात्मक सोच के साथ AI की सहायता से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं.. उन्होंने कहा कि ये AI क्रांति का दौर है साथ ही हम AI की मदद से ना सिर्फ शिक्षा अपितु सभी सरकारी और गैर सरकारी क्षेत्रों में क्रांति ला सकते हैं.. भारत देश की सुरक्षा और न्याया प्रणाली में AI बड़े बदलाव ला सकता है..
Dr. Ishaan ने डाटा की सुरक्षा को गंभीर बताते हुए कहा कि हमारा डाटा खतरे में है सरकार को कड़े कदम उठाने चाहिए


कि अभी का जो जनरेशन है चैट जीपीटी क्लड जेमिनाई जैसे जो भी एआई टूल्स है अभी उनका महत्व इतना बढ़ गया कि अगर मैं स्टूडेंट को कोई भी सवाल पूछूं तो वो अपनी क्रिटिकल थिंकिंग यूज़ करना बंद कर दिए उनको क्या चाहिए चाहे जीबीटी में मैं कोई भी चीज सर्च करूंगा ये ये रिजल्ट ये आंसर आ गया ये खत्म उसके बारे में जो थिंकिंग प्रोसेस है वो स्टूडेंट्स ने बंद कर दी जबकि आपके और हमारे जमाने में सर कैसा था कि आपको अगर कोई सवाल पूछा जाए तो हम सबसे पहले पहला सहारा था हमारा बुक्स इंटरनेट उसके ऊपर से फाइंड आउट करते थे। एक अच्छा प्रेजेंटेशन तैयार करते थे। लेकिन आजकल कैसा है चैटबिलिटी के जमाने में एक प्र डालो और तुरंत ही आपको आंसर मिल जाता है। वैसे ही रेडीमेड मतलब हम ऐसा कह सकते हैं कि एआई ने हमें एक तरीके से फिजिकली हैंडीकैप कर दिया है। सर मैं ऐसा ही कहना चाहूंगा कि सीधा आप डालो और आपको तुरंत ही उत्तर मिल जाएगा। आप जो भी डालो सपोज मुझे कोई भी टॉपिक चाहिए तो एक हमारे कंप्यूटर भाषा में एक कीवर्ड है जिसको कहते हैं एक्ट एस अभी मुझे कोई टॉपिक चाहिए तो मैं लिखूंगा एक्ट एस अ प्रोफेसर। स्टूडेंट को चाहिए तो वो लिखेंगे एक्ट एस अ स्टूडेंट तो चिपडी अपने आपको वो रोल असाइन कर देता है और आपको तुरंत जवाब दे देता है सर
जो जसी की जनरेशन है सर जिसको हम लोग जसी कहते हैं हमारे समय के आप और हमारे समय के हम लोग मिलेनियर्स थे आप हम कैसा था सर कि हम हमारे गुरुओं की सर आदर करते थे सम्मान करते थे सर आज के जसी में है ऐसा ऐसा मेरे नॉलेज के अकॉर्डिंग मैं ऐसा कहना चाहूंगा कि 50 टू 60% लोग इन चीज को मानते हैं लेकिन बाकी के जो 40% जनरेशन है एजेंसी वो फैकल्टीज को गुरु को सर समझना ही नहीं चाहते उनमें पेशेंस का बहुत बड़ा अबाउट है सर उनको कैसा है जैसे वो Instagram कैरियर होती है। हर दो मिनट में उनको नई चीज चाहिए। हर दो मिनट में उनको नई चाहिए। तो हमारे लिए एक बहुत बड़ा सा प्रॉब्लम हो गया कि जब भी हम लोग पढ़ाना की शुरुआत करते हैं। तो जो लोग हमें दो मिनट पेअर नहीं कर पाते जो लोग Instagram को दो मिनट पेयर नहीं कर पाते उन्हें हमें 40 से 45 मिनट तक बढ़ाना। राइट? दूसरा एक सबसे बड़ा फैक्टर जो ध्यान में आया सर कि मान सम्मान प्रभाव जैसे सलमान के साथ किसी के साथ बात करना वो चेंजेस धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। उनका कैसा हो गया सर? उनका प्रोजेक्ट बट गया। ये चीजों को ले वो थोड़ा ज्यादा आगे बढ़ रहे हैं कि उनको हर एक चीज तुरंत चाहिए। उनमें पेशेंस कम हो गया सर। अगर आप उनको कहोगे कि आप अपना फोन एक घंटे के लिए साइड में रख दो तो वो सर वो नहीं कर पा रहे हैं सर। तो ये एक बहुत बड़ा फैक्टर
अभी कैसा हुआ है सर कि ऐसा मार किया गया है कि हमारा जो भारत है ना सर वो रिसर्च में बहुत पिछड़ा हुआ है सर रिसर्च में हमारा इतना योगदान धीरे धीरे होता जा रहा है सर सो अभी से ऐसा है कि सर रिसर्च हमारा सिर्फ एक ही में ही रह गया कि भाई पेपर पब्लिश करो चीजों को फाइंड आउट करो पेटेंट करो हमें डेली अपडेट होना पड़ेगा क्योंकि पहले की एजुकेशन प्रणाली ऐसा था कि ये टेक्स्ट बुक है टेक्स्ट बुक में से पढ़ो बच्चों को समझ में आए तो ठीक नहीं समझ में आया तो ठीक लेकिन सर हमें अभी समय के साथ बदला रहेगा जैसे हमारे कंप्यूटर साइंस में तो ऐसा है कि हमें हर एक दिन हमें अपडेट होना पड़ता है। हर एक दिन खुद को अपग्रेड करना पड़ता है। सो रिसर्च का मतलब मैं ऐसा कहना चाहूंगा कि हमारे आसपास जो भी प्रॉब्लम है सर प्रॉब्लम का सशन अगर आप लेके आते हो उसको मैं सिंपल भाषा में मैं उसको रिसर्च कहूंगा क्योंकि हमारे यहां पे भी हम लोग जब रियल वर्ल्ड के जो प्रोजेक्ट्स करते हैं तो हम लोग आईटी और मशीन लर्निंग इन सब चीजों का यूज़ करके चीजों को आसान कैसे करना है। राइट? अगर आप उस चीज का सशन ले आते हो तो मैं उसको कहूंगा ये मेरे लिए रिसर्च इसलिए जरूरी है!मैं स्टूडेंट को भी यही कहता हूं कि मेरा उद्देश्य सिर्फ ये नहीं है कि आप रिसर्च पेपर करो साइटेशन करो बट एक्चुअली जो बदलाव है कि जो प्रॉब्लम है वो प्रॉब्लम की तह तक पहुंचो और उसका सोलशन ले आओ!