RAJASTHAN: भरतपुर की कॉंग्रेस महिला सांसद संजना का गुस्सा देख पुलिस के हाथ पैर फूले
28 साल की सबसे युवा सांसद का गुस्सा देखा क्या? शव ट्रैक्टर में रख IG ऑफिस घेरने निकली तो फूला प्रशासन का दम
28 साल की सबसे युवा सांसद का गुस्सा देखा क्या? शव ट्रैक्टर में रख IG ऑफिस घेरने निकली तो फूला प्रशासन का दमभरतपुर जिले के डीग में दलित युवक धर्मवीर जाटव की मारपीट से मौत के बाद सांसद संजना जाटव के तीखे तेवर देखने को मिले। प्रशासन पर मामले को दबाने का आरोप लगाते हुए सांसद शव को ट्रैक्टर-ट्रॉली में रखकर आईजी ऑफिस की तरफ कूच कर गईं।

राजस्थान की सियासत में सबसे कम उम्र की भरतपुर सांसद संजना जाटव एक बार फिर अपने तेवरों को लेकर सुर्खियों में हैं। डीग जिले के कुम्हेर थाना क्षेत्र के चौकीपुरा गांव में दलित युवक धर्मवीर जाटव की मारपीट के बाद हुई मौत का मामला अब एक बड़े सियासी और प्रशासनिक गतिरोध में बदल चुका है।
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब बात न बनने पर 1 मई 1998 को जन्मीं सांसद संजना जाटव ने खुद कमान संभाली और मृतक के शव को ट्रैक्टर-ट्रॉली में रखकर सीधे आईजी (IG) दफ्तर के लिए कूच कर दिया। सांसद के इस कदम से स्थानीय पुलिस और प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए।
चौकीपुरा निवासी युवा धर्मवीर जाटव के साथ कुछ दिनों पहले अमानवीय तरीके से मारपीट की गई थी। इलाज के दौरान अस्पताल में उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना की खबर मिलते ही सांसद संजना जाटव ने एक्स पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे सभ्य समाज पर कलंक बताया था। लेकिन मामला तब बिगड़ा जब संजना जाटव पीड़ित परिवार से मिलने उनके पैतृक गांव पहुंचीं। सांसद ने आरोप लगाया कि प्रशासन कल शाम से ही पीड़ित परिवार को गुमराह करने और मामले को दबाने का प्रयास कर रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब बात न बनने पर 1 मई 1998 को जन्मीं सांसद संजना जाटव ने खुद कमान संभाली और मृतक के शव को ट्रैक्टर-ट्रॉली में रखकर सीधे आईजी (IG) दफ्तर के लिए कूच कर दिया। सांसद के इस कदम से स्थानीय पुलिस और प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए।
क्या है पूरा मामला जिसने गरमाई सियासत?
चौकीपुरा निवासी युवा धर्मवीर जाटव के साथ कुछ दिनों पहले अमानवीय तरीके से मारपीट की गई थी। इलाज के दौरान अस्पताल में उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना की खबर मिलते ही सांसद संजना जाटव ने एक्स पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे सभ्य समाज पर कलंक बताया था। लेकिन मामला तब बिगड़ा जब संजना जाटव पीड़ित परिवार से मिलने उनके पैतृक गांव पहुंचीं। सांसद ने आरोप लगाया कि प्रशासन कल शाम से ही पीड़ित परिवार को गुमराह करने और मामले को दबाने का प्रयास कर रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
शव को ट्रैक्टर में रख आईजी ऑफिस की तरफ बढ़ीं संजना
प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस के टालमटोल वाले रवैये से नाराज होकर संजना जाटव पीड़ित परिवार के साथ धरने पर बैठ गईं। जब शुरुआती दौर में प्रशासन ने उचित मुआवजा और दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाया, तो संजना जाटव ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया। वह शव को लेकर ट्रैक्टर पर सवार हो गईं और आईजी कार्यालय की तरफ बढ़ने लगीं। एक सांसद को इस तरह सड़क पर उतरकर शव के साथ मार्च करते देख पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में आला अधिकारी मौके पर दौड़े।
आखिरकार झुका प्रशासन, मेडिकल बोर्ड की मांग मंजूर
सांसद के इस आक्रामक रुख और भारी जनाक्रोश के आगे आखिरकार प्रशासन को झुकना पड़ा। पुलिस अधीक्षक (SP) और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर आंदोलनकारियों से वार्ता की। पीड़ित परिवार की मुख्य मांगों पर सहमति बनी, जिसमें सबसे प्रमुख मांग शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराना शामिल था, जिसे तुरंत स्वीकार कर लिया गया।