सुप्रिम कोर्ट NEWS: कोर्टरूम में हंगामा करने, दस्तावेज हवा में उछालने और CJI को अपशब्द कहने वाला ये शख्स है कौन?
VISHNU AGRAWAL/EDITOR/DAILY INDIATIMES

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान एक याचिकाकर्ता ने मर्यादा लांघते हुए सीजेआई के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और केस की फाइलें हवा में उछाल दीं. कोर्ट ने इस बर्ताव की कड़ी निंदा करते हुए उसकी याचिका खारिज कर दी लेकिन उसकी स्थिति को देखते हुए फिलहाल कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की.
सोशल मीडिया पर सुप्रीम कोर्ट के कोर्टरूम का एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है जिसमें एक याचिकाकर्ता अपनी मर्यादा भूलकर खुद को सबसे बड़ा बताते हुए कोर्ट को हुक्म देता नजर आ रहा. इतना ही नहीं उसने देश के मुख्य न्यायाधीश के लिए भी बहुत गंदे शब्दों का इस्तेमाल किया. इतने पर भी उसका गुस्सा शांत नहीं हुआ तो उसने अपने केस की फाइल के पन्ने हवा में उड़ा दिए. इस बदतमीजी के बाद भी सुप्रीम कोर्ट ने उसकी ‘दिमागी और मौजूदा हालत’ को देखते हुए उस पर कोई कानूनी एक्शन न लेने का बड़ा फैसला किया. हालांकि, कोर्ट ने उसके इस बर्ताव की कड़ी निंदा की और उसकी याचिका को खारिज कर दिया है.
कोर्टरूम में क्या-क्या हुआ?
पूरी घटना शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे की है. सुप्रीम कोर्ट में गर्मियों की छुट्टियों समर वेकेशन के दौरान होने वाले आधे दिन के कामकाज का यह आखिरी दिन था. जस्टिस के. वी. विश्वनाथन और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच प्रबल प्रताप नाम के शख्स के केस की सुनवाई कर रही थी. तभी अचानक प्रबल प्रताप का पारा चढ़ गया. वह जजों से जिद करने लगा कि जिन पुलिसवालों पर उसने आरोप लगाए हैं कोर्ट तुरंत उनके खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करने का हुक्म दे. जब जजों ने उसकी बात नहीं मानी तो उसने चिल्लाना शुरू कर दिया. उसने फाइल के कागज हवा में फेंक दिए और सीजेआई को लेकर अपशब्द कहने लगा. शख्स की इस हरकत से जज साहब बेहद नाराज हो गए. उन्होंने तुरंत सुरक्षाकर्मियों को उसे हिरासत में लेने का आदेश दिया. आदेश मिलते ही वहां सादे कपड़ों में तैनात सिक्योरिटी गार्ड्स ने मुस्तैदी दिखाई और प्रबल प्रताप को दबोचकर कोर्टरूम से बाहर ले गए. इसके बाद दिल्ली पुलिस उसे अपने साथ ले गई और इस पूरे ड्रामे को लेकर उससे काफी देर तक पूछताछ की.