कौन हैं प्रोफेसर वी. कामाकोटी? जिन्हें टास्क फोर्स में शामिल करने पर प्रियंका गांधी ने बताया- गौमूत्र विशेषज्ञ
कौन हैं प्रोफेसर वी. कामाकोटी? जिन्हें टास्क फोर्स में शामिल करने पर प्रियंका गांधी ने बताया- गौमूत्र विशेषज्ञParliament Debate On NEET Reforms: नीट पेपर लीक के बाद बनी परीक्षा सुधार टास्क फोर्स में IIT-मद्रास के निदेशक प्रो. वी. कामाकोटी को शामिल किए जाने पर राजनीतिक विवाद छिड़ गया। प्रियंका गांधी की 'गौमूत्र विशेषज्ञ' टिप्पणी पर बीजेपी ने कड़ा विरोध जताया, जबकि अनुराग ठाकुर ने उन्हें देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक और शिक्षाविद बताया।

VIJAY KUMAR /DAILY INDIATIMES
V Kamakoti Controversy: पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा नीट पेपर लीक विवाद के बाद राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए टास्क फोर्स का गठन किया था। इसमें आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रोफेसर वी. कामाकोटी को शामिल किया गया। जिसके बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। संसद में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने उन्हें गौमूत्र विशेषज्ञ कहकर निशाना साधा, जिसके बाद बीजेपी ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी।
टास्क फोर्स में कौन-कौन शामिल
बता दें कि यह टास्क फोर्स इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में बनाई गई है। इसमें पूर्व ISRO प्रमुख एस. सोमनाथ, पूर्व IB निदेशक तपन डेका, पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल, लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा और IIT-मद्रास के निदेशक वी. कामाकोटी शामिल हैं।
कौन हैं प्रोफेसर वी. कामाकोटी?
प्रोफेसर कामाकोटी वीझीनाथन ने IIT-मद्रास से कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में एमएस और पीएचडी की है। वर्ष 2001 में वे IIT-मद्रास के फैकल्टी सदस्य बने और जनवरी 2022 में संस्थान के निदेशक नियुक्त हुए।
वे कंप्यूटर आर्किटेक्चर, सूचना सुरक्षा और VLSI डिज़ाइन के विशेषज्ञ माने जाते हैं। उन्होंने भारत के पहले स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर 'शक्ति' (Shakti) के विकास का नेतृत्व किया।
इसके अलावा वे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड (NSAB) के सदस्य हैं। वे वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की AI टास्क फोर्स के अध्यक्ष रह चुके हैं। IIT-मद्रास में JEE चेयरमैन और एसोसिएट डीन जैसे महत्वपूर्ण पद संभाल चुके हैं।
प्रियंका गांधी ने संसद में साधा निशाना
लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी टास्क फोर्स पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस नई कमेटी में एक पूर्व IB प्रमुख हैं, एक IT कंपनी के मालिक हैं और एक गौमूत्र विशेषज्ञ हैं। उनकी यह टिप्पणी सीधे प्रो. वी. कामकोटी की ओर इशारा मानी गई।