देखिए सोनिया गांधी का EXCLUSIVE INTERVIEW : सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला, नुकसान का एहसास हो रहा', सोनिया गांधी का सरकार पर तंज,
मूल्यअपने निजी जीवन और राजनीतिक सफर पर बात करते हुए सोनिया गांधी ने कहा कि भारत आने के बाद उन्होंने इंदिरा गांधी और राजीव गांधी से बहुत कुछ सीखा. दोनों का साहस, संवेदनशीलता, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक भारत के प्रति प्रतिबद्धता तथा कर्तव्य को सर्वोपरि रखने का भाव उनके जीवन को प्रभावित करता रहा. उन्होंने कहा कि इटली में पले-बढ़े होने के बावजूद परिवार और दोस्तों के प्रति निष्ठा, दूसरों के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी जैसे मूल्य आज भी उनके व्यक्तित्व का हिस्सा हैं.
नुकसान का एहसास हो रहा', सोनिया गांधी का सरकार पर तंज, गठबंधन के लिए क्या कहा
चुनाव आयोग और मीडिया पर सरकार के नियंत्रण का आरोप
भाजपा और आरएसएस से समझौता नहीं करेगी कांग्रेस

EXCLUSIVE INTERVIEW BY ENGLISH NEWSPAPER HINDU/DAILY INDIATIMES DIGITAL JOURNALISM PLATFORM

कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि पिछले 12 वर्षों में देश के लोकतंत्र, सामाजिक ताने-बाने और संवैधानिक संस्थाओं को भारी नुकसान पहुंचा है.
कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि पिछले 12 वर्षों में देश के लोकतांत्रिक ढांचे, संस्थाओं और सामाजिक ताने-बाने को भारी नुकसान पहुंचा है. हालांकि, अब लोगों को इस नुकसान का एहसास होने लगा है और वे मौजूदा हालात को लेकर बेचैन हैं.
उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार बदलने के बाद देश में सुशासन की वापसी होगी, लेकिन लोकतांत्रिक संस्थाओं को फिर से मजबूत करने में समय और राजनीतिक दलों के सामूहिक प्रयास की जरूरत पड़ेगी. विपक्षी एकजुटता को लेकर उन्होंने कहा कि कांग्रेस समान विचारधारा वाले दलों के साथ मिलकर काम कर रही है और उसकी संभावनाएं दिन-ब-दिन बेहतर हो रही हैं.

अपनी किताब आने से पहले खुलकर बोलीं सोनिया
सोनिया गांधी ने यह बातें अंग्रेजी अखबार द हिंदू को दिए इंटरव्यू में कहीं. उनका यह इंटरव्यू उनकी आने वाली पुस्तक Belonging: A Journey of Love के प्रकाशन से पहले सामने आया है. पुस्तक 10 नवंबर को हार्परकॉलिन्स इंडिया से प्रकाशित होगी. इसमें उन्होंने अपने निजी जीवन, भारत से जुड़ाव, राजनीतिक सफर, कांग्रेस और देश के मौजूदा राजनीतिक हालात पर विचार रखे हैं.
सरकार के जाने के बाद भी नुकसान की भरपाई में लगेगा समय
समयसोनिया गांधी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश के लोकतंत्र, संस्थाओं और सामाजिक ताने-बाने को गहरा नुकसान पहुंचा है. उन्हें लगता है कि अब आम लोग इस नुकसान को समझने लगे हैं और मौजूदा स्थिति को लेकर उनकी बेचैनी बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि सरकार बदलने के बाद भी लोकतांत्रिक व्यवस्था और संस्थाओं को पहले की तरह स्वस्थ बनाने में समय लगेगा. इसके लिए राजनीतिक दलों को गंभीरता से प्रयास करने होंगे. इसके बावजूद वह देश के भविष्य को लेकर आशावादी हैं. उन्हें भरोसा है कि लोग बेहतर शासन व्यवस्था की वापसी का स्वागत करेंगे.
चुनाव आयोग और मीडिया पर सरकार के नियंत्रण का आरोप
आरोपकांग्रेस की मौजूदा स्थिति पर सोनिया गांधी ने निराशा जताने के बजाय पार्टी के संघर्ष और मजबूती का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि केंद्र में मौजूदा सरकार आने के बाद से विपक्ष को चुनाव लड़ने के लिए समान अवसर नहीं मिल रहे हैं. सरकार का सभी संस्थाओं, खासकर चुनाव आयोग पर पूरा नियंत्रण है. मुख्यधारा का मीडिया भी उसके प्रभाव में है. इसके अलावा धनबल और धर्म के इस्तेमाल से राजनीतिक मुकाबले को प्रभावित किया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों के बावजूद कांग्रेस लगातार संघर्ष कर रही है. पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने हर तरह की चुनौतियों और उत्पीड़न का सामना किया है, लेकिन गांव से लेकर जिले तक वे संविधान में दिए गए मूल्यों की रक्षा के लिए डटे हुए हैं. सोनिया गांधी के अनुसार, हाल के महीनों में कई चुनावों में गड़बड़ी और चुनाव चोरी होने की बातें भी सामने आई हैं, जिससे लोग पहले से ज्यादा जागरूक हुए हैं.

समान विचारधारा वाले दलों के साथ मिलकर काम कर रही कांग्रेस
कांग्रेसविपक्षी गठबंधन और कांग्रेस की राजनीतिक संभावनाओं पर सोनिया गांधी ने कहा कि पार्टी समान विचारधारा वाले दलों के साथ मिलकर काम कर रही है. उनका मानना है कि कांग्रेस ने मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में जिस तरह खुद को संभाला है, वह उसकी मजबूती को दिखाता है. उन्होंने कहा कि पार्टी की संभावनाएं दिन-ब-दिन बेहतर हो रही हैं.
भाजपा और आरएसएस से समझौता नहीं करेगी कांग्रेस
कांग्रेससोनिया गांधी ने राजनीतिक गठबंधनों को लेकर कहा कि राजनीति में कई बार समझौते करना जरूरी हो जाता है. कुछ मौकों पर ऐसे दलों के साथ भी हाथ मिलाना पड़ता है, जिनकी विचारधारा कांग्रेस से अलग होती है. हालांकि, ऐसे फैसले उन्हें कभी सहज नहीं लगे. उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस ने भाजपा और आरएसएस के साथ कभी कोई समझौता नहीं किया है और भविष्य में भी ऐसा नहीं करेगी.
उन्होंने भाजपा और आरएसएस की विचारधारा से कांग्रेस के अंतर को भी स्पष्ट किया. सोनिया गांधी के मुताबिक, पार्टी के कुछ नेताओं की राय धर्मनिरपेक्षता के मुद्दे पर बहुत स्पष्ट रुख नहीं अपनाने की रही है, लेकिन यह कांग्रेस की आधिकारिक सोच नहीं है. पार्टी अपने काम और नीतियों के जरिए सभी नागरिकों को बिना किसी डर के अपने धर्म और विश्वास का पालन करने के संवैधानिक अधिकार के साथ खड़ी रही है.
मनमोहन सिंह के साथ टीम की तरह काम किया
किया2004 में कांग्रेस की जीत के बाद प्रधानमंत्री पद स्वीकार नहीं करने के फैसले पर सोनिया गांधी ने कहा कि उन्हें इस निर्णय को लेकर कभी पछतावा नहीं हुआ. उन्होंने बताया कि उस समय मनमोहन सिंह सरकार का नेतृत्व कर रहे थे और वह पार्टी की जिम्मेदारी संभाल रही थीं. दोनों की भूमिकाएं अलग थीं और उन्होंने एक टीम की तरह काम किया. उनका अनुभव काफी सकारात्मक रहा.
इंदिरा और राजीव गांधी से सीखे कर्तव्य और संवेदनशीलता के मूल्य
मूल्यअपने निजी जीवन और राजनीतिक सफर पर बात करते हुए सोनिया गांधी ने कहा कि भारत आने के बाद उन्होंने इंदिरा गांधी और राजीव गांधी से बहुत कुछ सीखा. दोनों का साहस, संवेदनशीलता, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक भारत के प्रति प्रतिबद्धता तथा कर्तव्य को सर्वोपरि रखने का भाव उनके जीवन को प्रभावित करता रहा. उन्होंने कहा कि इटली में पले-बढ़े होने के बावजूद परिवार और दोस्तों के प्रति निष्ठा, दूसरों के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी जैसे मूल्य आज भी उनके व्यक्तित्व का हिस्सा हैं.