Silver Rate: चांदी की कीमतों में हाहाकार, 4.27 लाख रुपये से गिरकर 2 लाख के नीचे आया भाव, जानें भारी गिरावट के 5 बड़े कारण
विशेषज्ञों की सलाह है कि शादी या त्योहार के लिए चांदी खरीदने वाले लोग पूरी खरीदारी एक साथ करने के बजाय किस्तों में कर सकते हैं। निकट अवधि में घरेलू बाजार में चांदी 1.95 लाख रुपये प्रति किलो तक आ सकती है। अगले साल दिवाली तक चांदी 3 लाख से 3.25 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकती है।
चांदी की कीमतों में हाहाकार, 4.27 लाख रुपये से गिरकर 2 लाख के नीचे आया भाव, जानें भारी गिरावट के 5 बड़े कारण
विनीता शर्मा/SILVER RATE/DAILY INDIATIMES
Silver Price Crash: चांदी की कीमत इस साल के रेकॉर्ड स्तर 4.27 लाख रुपये प्रति किलो से करीब 55% गिरकर 2 लाख रुपये से नीचे आ गई है। मुनाफावसूली, मजबूत डॉलर और अमेरिकी ब्याज दरों की चिंता से भाव टूटे हैं। जानिए गिरावट की वजहें और आगे का अनुमान।

चांदी की कीमतों में ऐसा उलटफेर हुआ है कि कुछ महीनों पहले तक रेकॉर्ड तेजी से चौंकाने वाला बाजार अब बड़ी गिरावट का गवाह बन रहा है। इस साल जनवरी में 4.27 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंची चांदी अब 2 लाख रुपये से नीचे आ गई है। यानी रेकॉर्ड स्तर से कीमत करीब 55% तक टूट चुकी है। ऐसे में सवाल है कि आखिर चांदी की कीमतें क्यों गिर रही हैं और क्या यह खरीदारी का सही मौका है?
कैसी रही चांदी की कीमत?
8 अक्टूबर 2025 को चांदी का भाव 1,52,700 रुपये प्रति किलो था। इसके बाद कीमतों में तेजी आई और 18 दिसंबर 2025 को भाव 2 लाख रुपये के पार पहुंच गया। जनवरी 2026 में तेजी और बढ़ी। 12 जनवरी को चांदी 2.5 लाख रुपये और 20 जनवरी को 3 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर को पार कर गई। जनवरी के आखिर तक चांदी की कीमत एमसीएक्स पर ऑल टाइम हाई 4.27 लाख रुपये पर थी। इस तरह अक्टूबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच चांदी की कीमत में 2 लाख रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई।

10 महीने में दो लाख से ज्यादा लुढ़की
चांदी की कीमत में जनवरी 2026 के आखिरी के बाद से तेज गिरावट शुरू हुई। फरवरी की शुरुआत में भाव तेजी से नीचे आया और 2 फरवरी को 2,65,751 रुपये प्रति किलो रह गया। अक्टूबर 2026 में गिरावट और गहरी हुई। एमसीएक्स पर शुक्रवार को चांदी की कीमत करीब 3500 रुपये गिरकर 1,96,100 रुपये पर बंद हुई। इस साल के 4.27 लाख रुपये प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर से तुलना करें, तो एमसीएक्स पर चांदी की कीमत करीब 55% नीचे है। यानी यह 2 लाख रुपये से ज्यादा गिर गई है।
चांदी की कीमतों में गिरावट की 5 बड़ी वजहें
1. मुनाफावसूली: तेजी के बाद निवेशक चांदी बेचकर मुनाफा निकाल रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें गिरने से चांदी के एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) पर भी दबाव पड़ा है।
2. अमेरिका में ब्याज दरों की चिंता: महंगाई बढ़ने की आशंका के कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रखे जाने की संभावना है। अगले हफ्ते होने वाली बैठक से पहले निवेशक सतर्क हैं। ऊंची बॉन्ड यील्ड से ऐसी संपत्तियों में निवेश का आकर्षण घटता है, जिनसे ब्याज नहीं मिलता।
3. मजबूत डॉलर और महंगा कच्चा तेल: डॉलर की मजबूती चांदी की कीमतों पर दबाव डाल रही है। वहीं, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें महंगाई की चिंता बढ़ा रही हैं, जिससे ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कमजोर पड़ सकती है।
4. औद्योगिक मांग में कमी की आशंका: चांदी का इस्तेमाल सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल और इलेक्ट्रॉनिक्स में होता है। ऊर्जा लागत बढ़ने और ब्याज दरें ऊंची रहने से कंपनियों के उत्पादन और मांग पर असर पड़ सकता है।
5. भारत में आयात की अनुमति: भारत अपनी चांदी की 80% से ज्यादा जरूरत आयात से पूरी करता है। रॉयटर्स के मुताबिक, सरकार ने अगले छह महीनों के लिए 6,500 मीट्रिक टन चांदी के आयात की अनुमति दी है। मई और जून में आयात पर लगी पाबंदियां सख्त की गई थीं।
क्या फिर बढ़ेंगे चांदी के भाव?
जानकारों के मुताबिक निकट अवधि में चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। डॉलर, अमेरिकी ब्याज दरों की उम्मीदें, अंतरराष्ट्रीय भाव और घरेलू प्रीमियम इसकी दिशा तय करेंगे। हालांकि, लंबी अवधि में सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों की मांग चांदी को सहारा दे सकती है।
अभी खरीदारी करें या इंतजार?विशेषज्ञों की सलाह है कि शादी या त्योहार के लिए चांदी खरीदने वाले लोग पूरी खरीदारी एक साथ करने के बजाय किस्तों में कर सकते हैं। निकट अवधि में घरेलू बाजार में चांदी 1.95 लाख रुपये प्रति किलो तक आ सकती है। अगले साल दिवाली तक चांदी 3 लाख से 3.25 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकती है।

