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राजेश शर्मा/DAILY INDIATIMES/19 JUNE 2025

Rajasthan: सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति की अब ये होगी शर्त, अधिशेष पर जूनियर की विदाई

सरकारी स्कूलों में एक बार फिर स्टाफिंग पैटर्न लागू होगा। जिसमें नामांकन के अनुपात में एक बार फिर स्कूलों के पद नए सिरे से तय कर वहां शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। अधिशेष होने पर शिक्षकों को आवश्यकता वाले दूसरे स्कूलों में समायोजित किया जाएगा।

Rajasthan: सरकारी स्कूलों में एक बार फिर स्टाफिंग पैटर्न लागू होगा। जिसमें नामांकन के अनुपात में एक बार फिर स्कूलों के पद नए सिरे से तय कर वहां शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। अधिशेष होने पर शिक्षकों को आवश्यकता वाले दूसरे स्कूलों में समायोजित किया जाएगा। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने स्कूल स्तर व नामांकन के आधार पर कर्मचारियों की संख्या का संशोधित मापदंड जारी कर कमेटी का गठन कर दिया है। माना जा रहा है कि नए सत्र से पहले प्रदेशभर की स्कूलों को जरुरत के हिसाब से पद व शिक्षक मिल सकेंगे।

सीनियर रहेंगे, जूनियर की होगी विदाईअधिशेष होने पर शिक्षकों के समायोजन प्रक्रिया में पहले से नियुक्त कर्मचारियों की सीट सुरक्षित रहेगी। कार्यग्रहण के आधार पर वरिष्ठ मानते हुए उन्हें मौजूदा स्कूल में ही नियुक्त किया जाएगा। जूनियर को सबसे पहले भेजा जाएगा और सीनियर स्कूलों में बने रहेंगे।

कक्षा व नामांकन के आधार पर तय होगी शिक्षकों की नियुक्तिस्टाफिंग पैटर्न के अनुसार एक संकाय वाले 12वीं तक के स्कूल में नामांकन कक्षा 11-12 व कक्षा 9-10 का 120-120, कक्षा 6-8 का 105 व 1-5 का 60 तक होने पर विज्ञान व वाणिज्य संकाय में 12 सेक्शन पर एक प्रधानाचार्य, दो अनिवार्य विषयों सहित पांच व्याख्याता, 3-3 वरिष्ठ अध्यापक व लेवल-2, दो लेवल-1 तथा एक शारीरिक शिक्षक सहित 15 शिक्षक नियुक्त होंगे। इसी तरह 6 से 12 स्कूल में लेवल-1 के शिक्षक छोड़ 13 तथा 9 से 12 स्कूल में लेवल-1 व 2 दोनों छोड़ न्यूनतम 10 शिक्षक कार्यरत होंगे।इसी तरह 1 से 12 स्कूल में विज्ञान के साथ कला, वाणिज्य या कृषि संकाय या कला व वाणिज्य संकाय साथ होने पर एक प्रधानाचार्य के अलावा 8 व्याख्याता, 3-3 वरिष्ठ व लेवल-2, 2 लेवल-2 व एक शारीरिक शिक्षक सहित 18 शिक्षक नियुक्त होंगे। इसी तरह 6-12 में एक वरिष्ठ शिक्षक व लेवल-1 के दो शिक्षक कम होने पर कुल 15 व 9 से 12 में लेवल-1 शिक्षक घटाकर 13 शिक्षक नियुक्त होंगे।

इनका कहना हैस्टाफिंग पैटर्न लागू होना अच्छा है, लेकिन इसकी दो साल में समीक्षा के नियम की पालना भी होनी चाहिए। इसके अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति भी होनी चाहिए। – बसंतकुमार ज्याणी, प्रदेश प्रवक्ता, राजस्थान वरिष्ठ शिक्षक संघ रेस्टा।10 वर्ष बाद स्टाफिंग पैटर्न तब लागू किया जा रहा है जब तीन सत्र में 23 लाख का नामांकन गिरा है। यदि हर दो साल बाद स्टाफिंग होता तो नामांकन में वृद्धि के साथ नए पदों का सृजन भी होता। – उपेन्द्र शर्मा, प्रदेश महामंत्री, राजस्थान शिक्षक संघ(शे)

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