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Rajasthan News Update: राजस्थान निकाय चुनाव में कितना पैसा खर्च कर सकेंगे प्रत्याशी? निर्वाचन आयोग ने तय की अधिकतम सीमा! जानिए पूरे नियम.

Rajasthan Nagar Nigam Chunav Kharch Seema: अगर आप राजस्थान में नगर निगम, नगर परिषद या नगर पालिका का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद काम की है. राज्य निर्वाचन आयोग ने अलग-अलग नगरीय निकायों के उम्मीदवारों के लिए चुनावी खर्च की अधिकतम सीमा निर्धारित कर दी है. यानी अब कोई भी उम्मीदवार चुनाव प्रचार पर अपनी मर्जी से जितना चाहे उतना पैसा पानी की तरह नहीं बहा सकेगा. आयोग के इस कदम का मकसद चुनावों में पारदर्शिता लाना और बेहिसाब खर्च पर लगाम कसना है.

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By Editorial Desk

Published: Aug 11, 2026 02:28 PM • Updated: Oct 09, 2026 • 147 views

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Rajasthan News Update: राजस्थान निकाय चुनाव में कितना पैसा खर्च कर सकेंगे प्रत्याशी? निर्वाचन आयोग ने तय की अधिकतम सीमा! जानिए पूरे नियम. 147 views

राजस्थान निकाय चुनाव में कितना पैसा खर्च कर सकेंगे प्रत्याशी? निर्वाचन आयोग ने तय की अधिकतम सीमा! जानिए पूरे नियमRajasthan Nikay Chunav Spending Limit: राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग ने आगामी नगरीय निकाय चुनाव को लेकर बड़ा फैसला लिया है. आयोग ने नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिका चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए चुनावी खर्च की अधिकतम सीमा तय कर दी है. इसके साथ ही चुनाव नतीजों के 15 दिनों के भीतर खर्च का पूरा ब्योरा देना अनिवार्य किया गया है.

VIJAY KUMAR/DAILY INDIATIMES

Rajasthan Nagar Nigam Chunav Kharch Seema: अगर आप राजस्थान में नगर निगम, नगर परिषद या नगर पालिका का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद काम की है. राज्य निर्वाचन आयोग ने अलग-अलग नगरीय निकायों के उम्मीदवारों के लिए चुनावी खर्च की अधिकतम सीमा निर्धारित कर दी है. यानी अब कोई भी उम्मीदवार चुनाव प्रचार पर अपनी मर्जी से जितना चाहे उतना पैसा पानी की तरह नहीं बहा सकेगा. आयोग के इस कदम का मकसद चुनावों में पारदर्शिता लाना और बेहिसाब खर्च पर लगाम कसना है.

जानिए किस पद के उम्मीदवार कितना खर्च कर सकेंगेराज्य निर्वाचन आयोग ने नगरीय निकायों के स्तर के हिसाब से चुनावी खर्च की सीमा अलग-अलग तय की है.

नगर निगम पार्षद: नगर निगम से पार्षद का चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार अधिकतम 3,50,000 रुपये (साढ़े तीन लाख रुपये) ही खर्च कर पाएंगे.नगर परिषद सदस्य: नगर परिषद के लिए चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी के लिए खर्च की अधिकतम सीमा 2,50,000 रुपये (ढाई लाख रुपये) रखी गई है.नगर पालिका सदस्य: वहीं नगर पालिका सदस्य का चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार अधिकतम 1,50,000 रुपये (डेढ़ लाख रुपये) तक ही चुनावी प्रचार पर खर्च कर सकेंगे.

प्रचार सामग्री से लेकर गाड़ियों का खर्च भी लिमिट के दायरे में

आयोग ने साफ किया है कि चुनाव प्रचार के दौरान होने वाले तमाम छोटे-बड़े खर्च इसी तय सीमा के भीतर ही शामिल होंगे. इसमें उम्मीदवार द्वारा छपवाए जाने वाले पोस्टर, बैनर, पम्फलेट, प्रचार सामग्री, रैलियों और सभाओं में होने वाले खर्च, लाउडस्पीकर, गाड़ियों के ईंधन और दूसरी चुनावी गतिविधियों पर होने वाला सारा खर्च इसी बजट के दायरे में गिना जाएगा. इसलिए उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतरने से पहले अपने प्रचार बजट की सही तरीके से प्लानिंग करनी होगी.

नतीजे आने के 15 दिन के भीतर देना होगा पूरा हिसाब

आयोग का नियम सिर्फ खर्च की सीमा तय करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उम्मीदवारों को पाई-पाई का रिकॉर्ड भी संभालकर रखना होगा. चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद प्रत्याशी की जिम्मेदारी खत्म नहीं होगी. नतीजे आने के ठीक 15 दिनों के भीतर उम्मीदवार को अपने चुनावी खर्च का पूरा ब्योरा, बिल और लेखा-जोखा राज्य निर्वाचन आयोग के पास जमा कराना अनिवार्य होगा.

राज्य निर्वाचन आयोग के इस फैसले को निकाय चुनाव में पारदर्शिता बढ़ाने और धनबल के इस्तेमाल को रोकने की दिशा में एक बेहद अहम कदम माना जा रहा है. अब देखना यह होगा कि चुनावी मैदान में उतरने वाले प्रत्याशी इस तय बजट के अंदर अपनी रणनीति कैसे तैयार करते हैं.

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