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Rajasthan News: राजस्थान में मानसून सत्र के दौरान पारित 8 नए बिलों को राज्यपाल ने मंजूरी दी। धर्मांतरण विरोधी कानून, कोचिंग सेंटर नियंत्रण और भू-जल संरक्षण समेत ये नए कानून अब लागू।

जयपुर: मॉनसून के सत्र में राजस्थान विधानसभा में कई नए बिल पारित हुए। उनमें से 8 बिलों को राज्यपाल ने मंजूरी दे दी है। ऐसे में इन बिलों ने अब कानून का रूप ले लिया है। विधि विभाग की ओर से अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। ऐसे में ये कानून अब लागू भी हो चुके हैं। इन कानूनों में धर्मांतरण विरोधी कानून और कोचिंग सेंटर पर नियंत्रण के कानून महत्वपूर्ण हैं। जानिए कौन कौन से नए कानून राज्य में लागू हुए हैं।

राजस्थान में लागू हुए नए कानून

1. धर्मांतरण रोकने का कानून – राज्य में प्रलोभन या डरा धमका कर कराए जाने वाले धर्मांतरण को रोकने का नया कानून राज्य में लागू हो गया है। इस कानून के अस्तित्व में आने पर अब पहली बार जबरन धर्म परिवर्तन कराने का दोषी पाए जाने पर 14 साल की सजा और 5 लाख रुपए तक का जुर्माना लगेगा। दूसरी बार दोषी पाए जाने पर उम्रकैद और 50 लाख रुपए तक का जुर्माना लगेगा।

2. कोचिंग सेंटर पर नियंत्रण कानून – राजस्थान कोचिंग सेंटर नियंत्रण विधेयक पारित होने के बाद राज्यपाल ने इसे मंजूरी दे दी है। अब कोई भी कोचिंग संस्थान मनमर्जी नहीं कर सकेगा। कोचिंग सेंटर को राज्य सरकार की तय गाइडलाइन की पालना करनी होगी। मनमानी फीस पर भी नियंत्रण लगेगा। बिना रजिस्ट्रेशन के किसी भी कोचिंग संस्थान का संचालन नहीं हो सकेगा। राज्य में छात्रों की आत्महत्याओं को रोकने के लिए यह कानून लाया गया है

3. अवैध मछली वध रोकने का कानून – राज्य विधानसभा की ओर से मॉनसून सत्र में राजस्थान मत्स्य क्षेत्र संशोधन विधेयक 2025 लाया गया। अब यह कानून का रूप ले चुका है। अब अवैध रूप से मछली पकड़ने पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगेगा। पहली बार अपराध साबित होने पर 25 हजार का जुर्माना और 3 महीने की कैद का प्रावधान किया गया है जबकि दूसरी बार अपराध साबित होने पर छह महीने की जेल और 50 हजार रुपए जुर्माना लगेगा।

4. मुफ्त इलाज के लिए लाया गया नया कानून – सरकारी योजनाओं के तहत मुफ्त इलाज के लिए आयुर्विज्ञान संस्थान जयपुर विधेयक लाया गया। राज्यपाल की मंजूरी के बाद अब दिल्ली एम्स की तर्ज पर एक स्वायत्त एवं विश्व स्तरीय सुपर स्पेशलिटी चिकित्सा संस्थान स्थापित किया जाएगा। इसमें आरयूएचएस के संबद्ध कॉलेज और राज्य कैंसर संस्थान जयपुर इसमें शामिल होंगे। पात्र मरीजों को अब सरकारी योजनाओं के तहत मुफ्त इलाज मिलेगा। इससे अन्य सरकारी अस्पतालों से भार कम हो सकेगा।

5. अवैध भू-जल दोहन रोकने का कानून – विधानसभा में हाल ही में राजस्थान भू-जल संरक्षण एवं प्रबंधन प्राधिकरण विधेयक पारित किया गया। इसे भी राज्यपाल की ओर से मंजूरी मिल गई है और अब यह कानून का रूप ले चुका है। अब प्रदेश के कमर्शियल, मल्टीस्टोरी और इंडस्ट्रीज में बिना अनुमति के ट्यूबवेल नहीं खोदे जा सेंगे। ट्यूबवेल खोदने के लिए राज्य भूजल प्राधिकरण की अनुमति लेनी होगी। बिना अनुमति ट्यूबवेल खोदने पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगेगा। दूसरी बार अपराध करने पर छह महीने की जेल और एक लाख रुपए!

6. सरकारी कोष में जमा राशि के आवंटन का अधिकार – राजस्थान विधानसभा में राजस्थान विनियोग विधेयक 2025 पारित हुआ था। इसे भी राज्यपाल की ओर से मंजूरी दे दी गई है। इस कानून के अस्तित्व में आने से राज्य की समेकित निधि से राशि निकालने का अधिकार मिल गया। विभिन्न टैक्स के जरिए राजकोष में जमा हुई राशि का आवंटन अब सरकारी योजनाओं और अन्य सेवाओं में किया जा सकेगा।

7. कारखानों में काम करने का समय परिवर्तन – कारखाना (राजस्थान संशोधन) विधेयक पारित किया गया जो कि अब कानून का रूप ले चुका है। इस कानून के अस्तित्व में आने पर अब कारखानों में काम करने के समय में परिवर्तन किया गया है। अतिरिक्त कार्य करने पर अतिरिक्त भुगतान किया जाएगा। महिलाओं को रात्रि में कार्य करने की भी छूट दी गई है। इस कानून के अस्तित्व में आने पर अब श्रमिकों को तो फायदा होगा ही साथ ही प्रदेश में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की मजबूती मिलेगी।

8. जीएसटी में नई छूट – गत विधानसभा सत्र में राजस्थान माल और सेवा कर द्वितीय संशोधन विधेयक 2025 लाया गया। इसके तहत कुछ विशिष्ट सेवाओं पर जीएसटी से संबंधित नई छूट और स्पष्टीकरण पेश किए गए हैं। इस विधेयक का उद्देश्य कुछ सेवाओं पर जीएसटी छूट को स्पष्ट करना और नई छूटों को शामिल करना है। राज्यपाल ने इसे भी मंजूरी दे दी है। जीएसटी के दायरे में आने वाली सेवाएं अब और ज्यादा सरल हो गई है।

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