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VISHNUU AGARWWAL EDITOR DAILY INDIATIMES DIGITAL JOURNALISM PLATFORM/BOLLYWOOD NEWS

3947 बच्चों को जीवनदान देने वालीं पलक मुच्छल सर्जरी के वक्त रहती हैं ऑपरेशन थिएटर में, कहा- गीता का पाठ करती हूंसिंगर पलक मुच्छल का हाल ही 3947 बच्चों की हार्ट सर्जरी के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड में नाम दर्ज किया गया। पलक ने इसे ग्लोबल अचीवमेंट बताया और साथ ही कहा कि जब भी किसी बच्चे की सर्जरी होती है, तो वह ऑपरेशन थिएटर में साथ रहकर गीता और श्लोकों का पाठ करती हैं।

मशहूर सिंगर पलक मुच्छल का नाम एक नेक काम के कारण हाल ही गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल किया गया। पलक ने अपने ‘पलक पलाश मुच्छल फाउंडेशन’ के जरिए 3947 बच्चों की हार्ट सर्जरी करवाई। उन्होंने गाने गाकर जो भी पैसे कमाए, वो बच्चों की हार्ट सर्जरी में लगा दिए। इसी के कारण उनका नाम गिनीज बुक में दर्ज किया गया। इस पर अब पलक मुच्छल ने रिएक्ट किया है। उन्होंने इस सफलता पर खुशी जताई और साथ ही बताया कि वेटिंग लिस्ट में अभी कितने और बच्चे हैं।

DAILY INDIATIMES DIGITAL JOURNALISM PLATFORM दिए इंटरव्यू में कहा, ‘मुझे अपने चैरिटी वर्क के लिए ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ द्वारा ‘हॉल ऑफ फेम’ से सम्मानित किया गया है। यह एक ग्लोबल अचीवमेंट है, और मैं इस सम्मान के लिए सचमुच आभारी हूं। मैं सात साल की उम्र से हार्ट के मरीजों के लिए गा रही हूं। मैं ‘सेव लिटिल हार्ट्स’ नाम का कॉन्सर्ट करती रहती हूं।’

पलक ने आगे बताया, ‘इस कॉन्सर्ट से मिलने वाला पैसा हार्ट के मरीज बच्चों की सर्जरी के लिए जाता है। अब तक 3947 बच्चों का ऑपरेशन हो चुका है। मेरी वेटिंग लिस्ट में 416 बच्चे हैं, जिनके लिए मैं कड़ी मेहनत कर रही हूं। मुझे उम्मीद है कि मैं इन बच्चों के लिए गाना जारी रखूंगी, जिन्हें मेरी जरूरत है।’

यह पूछे जाने पर कि उन्होंने इस अचीवमेंट का जश्न कैसे मनाया, तो पलक मुच्छल बोलीं, ‘जश्न तो रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है। ऐसा नहीं है कि रिकॉर्ड मेरे लिए मायने नहीं रखते। वो आपको यकीन दिलाते हैं कि आप सही रास्ते पर चल रहे हैं। जिस उद्देश्य के लिए मैं काम कर रही हूं, वह मुझे हर रोज मानवीय भावनाओं का अनुभव कराता है और जब कोई बच्चा मेरे कॉन्सर्ट के जरिए स्पॉन्सर हो रहा होता है, तो मैं उसकी सर्जरी में शामिल होती हूं।’

सर्जरी के वक्त ऑपरेशन थिएटर में होती हूं, गीता और श्लोकों का पाठ करती हूं’पलक ने आगे कहा, ‘मैं अस्पताल में रहने की कोशिश करती हूं और डॉक्टर मुझे ऑपरेशन थिएटर में रहने की इजाजत देते हैं। मैं गीता, नवकार मंत्र और श्लोकों का पाठ करती हूं। जब डॉक्टर मुझसे कहते हैं- बधाई हो पलक तुम्हारा बच्चा बच गया, तभी मैं जश्न मनाती हूं।’

ढाई साल की उम्र से गाना, 5 साल की उम्र में करगिल युद्ध में जवानों के लिए इकट्ठे किए पैसेइंदौर की रहने वालीं पलक मुच्छल ढाई साल की उम्र से ही गाना शुरू कर दिया था, और 7 साल की उम्र से हार्ट के मरीजों के लिए गा रही हैं। जब वह पांच साल की थीं, तो 1999 में करगिल युद्ध में जवानों की मदद के लिए घर-घर जाकर ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ गाया और करीब 25 हजार रुपये इकट्ठा किए थे। पलक ने ‘दैनिक भास्कर’ को बताया था कि हार्ट के मरीज बच्चों को बचाने के इस मिशन के कारण उन पर काफी कर्ज है और हमेशा कर्ज में रहती हैं, पर इसे वह अच्छा कर्ज मानती हैं। इंदौर का तो एक अस्पताल ऐसा है, जो पलक मुच्छल को 10 लाख रुपये का क्रेडिट देता है। पलक ने बताया था कि वह पहले बच्चों की सर्जरी करवा देती हैं और फिर अस्पताल को पैसे देती हैं।

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