
VISHNU MITTAL JOURNALIST/DAILY INDIATIMES

उत्तराखंड की हस्त कला ने मन मोहा * प्रिया रावत कर रही पश्चात संस्कृति का मुकाबलाहलैना (भरतपुर)भारतीय संस्कृति और कला के दर्शन करने एव उसे खरीद कर घर प्रतिष्ठा और अपने विश्राम गृह में लगाने केलिए देश-विदेश के लोग भी तरसते हैं।देश के किसी भी राज्य में चले जाओ प्रत्येक राज्य की कला,भाषा, वेशभूषा अलग-अलग ही नजर आती है लेकिन सभी कला और सोच विचार सनातन धर्म,भारतीय संस्कृति देश भक्ति ,समाज सेवा, मानव सेवा का ज्ञान देती है।



