अरविंद सिंह जयपुर/DAILY INDIATIMES DIGITAL/08 जुलाई 2025
भजनलाल सरकार से राहत या झटका? विशेष छात्रों को 500 की जगह अब मिलेंगे 300 रुपये, जानिए वजहराजस्थान की भजनलाल सरकार ने विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए आर्थिक सहायता योजना में कटौती की है। पहले जहां परिवहन भत्ता 500 रुपये था, अब उसे घटाकर 300 रुपये कर दिया गया है। अन्य भत्तों में भी कमी की गई है, जबकि सरकार का कहना है कि यह कदम शिक्षा में सुधार के लिए उठाया गया है।

जयपुर: राजस्थान की भजनलाल सरकार ने विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए आर्थिक मदद की योजना को नई शक्ल दे दी है। दावा किया गया कि ये फैसला इन बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के लिए है, लेकिन असल तस्वीर कुछ और ही बयां कर रही है। दरअसल, जिस आर्थिक सहायता की उम्मीद इन नन्हें विद्यार्थियों और उनके परिजनों को थी, वो रकम अब घटा दी गई है।

साल बदला, सरकार बदली, पर भत्ता कम हुआ!2024-25 में जहां इन विशेष बच्चों को 500 रुपये तक परिवहन भत्ता मिलता था, वहीं अब 2025-26 की नई योजना में यह घटकर सिर्फ 300 रुपये प्रति माह रह गया है। इतना ही नहीं, एस्कॉर्ट भत्ता भी 400 से घटाकर 300, रीडर भत्ता 250 से घटकर 200 और स्टाइपेंड में कोई बदलाव नहीं करते हुए इसे 200 रुपये पर स्थिर रखा गया है। मतलब साफ है कि अब इन बच्चों को वही मेहनत करनी है, लेकिन कम सहायता के साथ।
जानिए किसे-कितना मिलेगा अब?परिवहन भत्ता -पहले 500 प्रति माह, अब 300 प्रति माहएस्कॉर्ट भत्ता -पहले 400 प्रति माह, अब 300 प्रति माहरीडर भत्ता- पहले 250 प्रति माह, अब 200 प्रति माहस्टाइपेंड भत्ता- पहले 200 प्रति माह, अब 200 प्रति माहसभी भत्तों का भुगतान 10 माह के शैक्षणिक सत्र के अनुसार होगा। यअब सालाना मिलने वाली कुल राशि में भी भारी कटौती तय है।
शिक्षा में समावेशन के लिए किया जा रहा है प्रयास’राज्य सरकार का कहना है कि इन योजनाओं का उद्देश्य विशेष आवश्यकता वाले छात्र-छात्राओं को मुख्यधारा में लाना, उनकी प्रतिभा को पहचान देना और उन्हें भेदभाव से मुक्ति दिलाना है। समग्र शिक्षा अभियान के तहत यह योजना लागू की गई है। राज्य शिक्षा परिषद की माने तो यह निर्णय नई वार्षिक कार्य योजना 2025-26 के तहत लिया गया है, जो पूरे राज्य के सरकारी स्कूलों (कक्षा 1 से 12 तक) में लागू होगा।

