Popular

EXCLUSIVE PODCAST: अपार धन प्राप्ति के लिए करें माता लक्ष्मी उपासना और मंत्र चिकित्सा से गंभीर रोगों का चमत्कारिक निदान सम्भव, अध्यात्म से मिलती है जीवन को सार्थक दिशा: DR. GAURAV SHUKLA और DR. ARTI SHUKLA
PODCAST / September 11, 2026

EXCLUSIVE PODCAST: अपार धन प्राप्ति के लिए करें माता लक्ष्मी उपासना और मंत्र चिकित्सा से गंभीर रोगों का चमत्कारिक निदान सम्भव, अध्यात्म से मिलती है जीवन को सार्थक दिशा: DR. GAURAV SHUKLA और DR. ARTI SHUKLA

FAISHION TREAND: Layered haircuts for women that work for every hair type
LIFESTYLE / October 4, 2026

FAISHION TREAND: Layered haircuts for women that work for every hair type

EXCLUSIVE STORY: हर रोज पूरे कपड़े उतारते थे, प्राइवेट पार्ट्स में टॉर्च से हुई जांच', 37 साल की एक्ट्रेस की खौफनाक कहानी,पैसा हो तो जेल में कुछ भी मुमकिन'
PEOPLE / September 13, 2026

EXCLUSIVE STORY: हर रोज पूरे कपड़े उतारते थे, प्राइवेट पार्ट्स में टॉर्च से हुई जांच', 37 साल की एक्ट्रेस की खौफनाक कहानी,पैसा हो तो जेल में कुछ भी मुमकिन'

इतनी बड़ी होने पर भी कंगना रनौत को नहीं शुरू हुए पीरियड्स, गुस्से में मां ने आकर किया ये काम
Popular / September 17, 2026

इतनी बड़ी होने पर भी कंगना रनौत को नहीं शुरू हुए पीरियड्स, गुस्से में मां ने आकर किया ये काम

EXCLUSIVE PODCAST WITH TOP MODEL & ARTIST" MEDHA": मॉडलिंग और फैशन इंडस्ट्री में सफलता के लिए खुद के प्रति आत्मविश्वास और मजबूत इरादा जरूरी.. SUCCESS खुद बड़े अवसर देती है
PODCAST / September 13, 2026

EXCLUSIVE PODCAST WITH TOP MODEL & ARTIST" MEDHA": मॉडलिंग और फैशन इंडस्ट्री में सफलता के लिए खुद के प्रति आत्मविश्वास और मजबूत इरादा जरूरी.. SUCCESS खुद बड़े अवसर देती है

राजस्थान निकाय चुनाव : बीजेपी में थोड़ी जीत से हताशा और कॉंग्रेस थोड़ी हार से जश्न मना रही, JOURNALIST VISHNU AGRAWAL की रिपोर्ट
EDITOR'S OPINION / September 16, 2026

राजस्थान निकाय चुनाव : बीजेपी में थोड़ी जीत से हताशा और कॉंग्रेस थोड़ी हार से जश्न मना रही, JOURNALIST VISHNU AGRAWAL की रिपोर्ट

बॉलीवुड और राजनीति: कृति सेनन के आउटफिट पर बवाल, राहुल गांधी बोले- ‘महिलाओं को ट्रोल करना बंद करें’
EDITOR'S OPINION / August 26, 2026

बॉलीवुड और राजनीति: कृति सेनन के आउटफिट पर बवाल, राहुल गांधी बोले- ‘महिलाओं को ट्रोल करना बंद करें’

EXCLUSIVE PODCAST:HAPPINESS और SUCCESS के लिए कर्मों में सुधार जरूरी और मांस खाना या शराब पीना अच्छे बुरे कर्मों की निशानी नहीं, खुद को बदलो ग्रह अपने आप ठीक हो जाएंगे: VIOLINA DAS
PODCAST / August 18, 2026

EXCLUSIVE PODCAST:HAPPINESS और SUCCESS के लिए कर्मों में सुधार जरूरी और मांस खाना या शराब पीना अच्छे बुरे कर्मों की निशानी नहीं, खुद को बदलो ग्रह अपने आप ठीक हो जाएंगे: VIOLINA DAS

पंजाब से सनसनी खेज खबर:अमृतसर में मेकअप आर्टिस्ट और इन्फ्लुएंसर मैड संधू की गोली मारकर हत्या, सीसीटीवी खंगाल रही पुुलिस
NATIONAL NEWS / October 3, 2026

पंजाब से सनसनी खेज खबर:अमृतसर में मेकअप आर्टिस्ट और इन्फ्लुएंसर मैड संधू की गोली मारकर हत्या, सीसीटीवी खंगाल रही पुुलिस

सबसे बड़ी खबर: ज्ञानेश कुमार बेनकाब, तत्काल इस्तीफा दें', जस्टिस उज्जवल भुइयां की टिप्पणी के बाद कांग्रेस की दो टूक
Popular / October 5, 2026

सबसे बड़ी खबर: ज्ञानेश कुमार बेनकाब, तत्काल इस्तीफा दें', जस्टिस उज्जवल भुइयां की टिप्पणी के बाद कांग्रेस की दो टूक

EDITOR'S NEWS

Congress News: ऑक्सफोर्ड से राहुल गांधी के वॉर रूम तक... आखिर कौन हैं गुरमेहर कौर, जिन्हें कांग्रेस ने दिया बड़ा मंच?

A

By Editorial Desk

Published: Jul 31, 2026 09:09 PM • Updated: Oct 10, 2026 • 1,182 views

Share
Congress News: ऑक्सफोर्ड से राहुल गांधी के वॉर रूम तक... आखिर कौन हैं गुरमेहर कौर, जिन्हें कांग्रेस ने दिया बड़ा मंच? 1,182 views

ऑक्सफोर्ड से राहुल गांधी के वॉर रूम तक... आखिर कौन हैं गुरमेहर कौर, जिन्हें कांग्रेस ने दिया बड़ा मंच?Gurmehar Kaur Profile: ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ीं गुरमेहर कौर एक बार फिर चर्चा में हैं. कांग्रेस के मंच से छात्रों के मुद्दों और कानूनी सहायता को लेकर सामने आने के बाद उनकी भूमिका, पृष्ठभूमि और राहुल गांधी से जुड़ाव को लेकर लोगों में काफी दिलचस्पी बढ़ गई है. जानिए कौन हैं गुरमेहर, छात्र आंदोलन से लेकर कांग्रेस तक का उनका सफर, 2017 का विवाद और चर्चा के पीछे की पूरी कहानी.

हाथ में एक तख्ती और देश के सबसे बड़े सोशल मीडिया तूफान का अट्रैक्शन. देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी कांग्रेस का मंच, सामने दर्जनों कैमरे और सत्ता के गलियारों को हिला देने वाली एक गूंज. अगर एक लाइन में बताएं तो कहानी है एक लड़की गुरमेहर कौर की, जो कभी सोशल मीडिया पर ट्रोल्स के निशाने पर थीं, वो आज NEET पेपर लीक और देश के बड़े छात्र आंदोलन की चेहरा बनकर उभरी हैं. सवाल उठा कि कैसे ऑक्सफोर्ड से लौटी एक शहीद की बेटी ने राहुल गांधी के 'वार रूम' में एंट्री ली? चर्चित चेहरा के इस एपिसोड में जानिए आखिर कौन हैं गुरमेहर कौर? कैसे वो छात्र आंदोलन की नई पोस्टर गर्ल बन गईं, क्या है उनकी सोच और कैसे वो जुड़ीं राहुल गांधी से? विस्तार से जानिए पूरी कहानी.

कैसे हुए गुरमेहर कौर की चर्चा की शुरुआत?

गुरमेहर कौर तब चर्चा में नहीं थी जब जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन छिड़ा था. उस आंदोलन के चर्चित चेहरे तो कोई और बने. गुरमेहर कौर की चर्चा तब शुरू हुई जब कांग्रेस खुलकर छात्रों के आंदोलन में कूदी. आंदोलन को सपोर्ट करने कांग्रेस ने मदद के दरवाजे के खोल दिए हैं. कांग्रेस के मंच पर एक दिन सामने आईं गुरमेहर कौर ये बताने समझाने के लिए वो क्या करने वाली हैं, क्या सोचती हैं? राहुल गांधी क्या करना चाह रहे हैं, क्या सोच रहे हैं.

गुरमेहर कौर ने कांग्रेस के मंच से प्रेस कॉन्फ्रेंस इसलिए की ताकि NEET-UG पेपर लीक विवाद के खिलाफ देशव्यापी छात्र आंदोलनों में शामिल उन प्रदर्शनकारियों को कानूनी सुरक्षा दी जा सके, जिन पर पुलिसिया दमन और  मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं. गुरमेहर यूथ कांग्रेस की छात्र विंग की एक्टिव कार्यकर्ता हैं. उन्होंने राहुल गांधी के छात्रों की गूंज के तहत विशेष लीगल एसओएस (SOS) हेल्पलाइन नंबर 98118-67474 जारी करने के लिए कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस की. 

कांग्रेस ने बनाया मुख्य चेहरा!

कांग्रेस की एसओएस हेल्पलाइन देश के किसी भी कोने में शांतिपूर्ण तरीके से अपना हक मांग रहे उन छात्रों को मुफ्त कानूनी सहायता, भोजन और सुरक्षित आश्रय प्रदान करना है, जिन्हें पुलिस प्रशासन प्रताड़ित या अवैध रूप से हिरासत में लिए है. छात्र आंदोलनों का मुख्य आधार लड़के-लड़कियां हैं, इसलिए कांग्रेस ने इसी युवा वर्ग से सीधा और विश्वसनीय संवाद स्थापित करने के लिए ऑक्सफोर्ड से पढ़ीं और एक शहीद की बेटी रहीं गुरमेहर कौर को इस ऐतिहासिक घोषणा का मुख्य चेहरा बनाया.

इस मिशन के साथ गुरमेहर कौर आज देश के छात्र आंदोलनों, युवाओं के गुस्से और Gen-Z की आवाज का सबसे प्रखर और नया चेहरा बनकर उभरी हैं. देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG में हुए पेपर लीक विवाद और CJP Protests के बीच कांग्रेस पार्टी ने 29 साल की युवा एक्टिविस्ट और लेखिका गुरमेहर कौर को अपनी राष्ट्रीय प्रेस कॉन्फ्रेंस के मुख्य मंच पर उतारकर सबको चौंका दिया. कांग्रेस के मंच से गुरमेहर कौर ने सिर्फ भाषण नहीं दिया, बल्कि आंदोलनकारी छात्रों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच तैयार किया

कौन हैं गुरमेहर कौर?

गुरमेहर कौर की लाइफ जर्नी शहीद की बेटी से नेक्स्ट जनरेशन लीडर की ओर बढ़ रही है. उनकी कहानी पंजाब के जालंधर से एक फौजी परिवार में शुरू हुई जहां बचपन पर शहादत का गहरा साया रहा. उनके पिता कैप्टन मंदीप सिंह भारतीय सेना के '4 राष्ट्रीय राइफल्स  में तैनात थे. 6 अगस्त 1999 को जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा के दौरान उनकी कंपनी मुख्यालय पर हुए आतंकवादी हमले में शहीद हुए थे. तब गुरमेहर केवल दो साल की थीं. पिता की शहादत के बाद उनकी मां राजविंदर कौर ने अकेले गुरमेहर और उनकी छोटी बहन बानी कौर की परवरिश की.

पिता की शहादत के बाद गुरमेहर ने पूरा ध्यान पढ़ाई पर लगा दिया. दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी श्रीराम कॉलेज से इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया. आगे ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से मास्टर्स की डिग्री हासिल की. लंदन में पढ़ने के बाद वो भारत लौट गईं. वहां से उनकी नई जिंदगी शुरू हुई. चाहती तो अपना कॉरपोरेट करियर बना सकती थी लेकिन उन्होंने करियर बनाया आंदोलन का. 

2017 का आंदोलन और चर्चा में आई गुरमेहर!

पहली बार 2017 में दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस कॉलेज में अभिव्यक्ति की आजादी के लिए आवाज उठाने के बाद देशव्यापी चर्चा में आई थीं. गुरमेहर ने सोशल मीडिया पर प्लेकार्ड हाथ में लेकर अभियान चलाया था, जिस पर लिखा था- 'मैं दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा हूं. मैं एबीवीपी से नहीं डरती.' इसी दौरान उनका एक पुराना वीडियो भी इंटरनेट पर वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने एक प्लेकार्ड पकड़ा था जिस पर लिखा था- 'मेरे पिता को पाकिस्तान ने नहीं, बल्कि युद्ध ने मारा है.' 

आलोचनाएं हुई लेकिन डट कर खड़ी रही!

आगे गुरमेहर को भारी ट्रोलिंग, सोशल मीडिया पर रेप की धमकियों और तीखी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था, लेकिन वो पीछे नहीं हटीं. उनकी इसी हिम्मत को देखते हुए टाइम मैगजीन ने 2017 में उन्हें दुनिया को प्रभावित करने वाले 10 युवाओं की सूची में नेक्स्ट जनरेशन लीडर फ्री स्पीच वॉरियर के रूप में नॉमिनेट किया. 

गुरमेहर कौर की आइडियोलॉजी और सोच आज के आधुनिक, पढ़े-लिखे और जागरूक युवाओं का प्रतिनिधित्व करती है. राइटर के तौर पर उन्होंने दो किताबें- 'स्मॉल एक्ट्स ऑफ फ्रीडम' और 'द यंग एंड द रेस्टलेस' लिखी हैं, जिसमें उन्होंने अपने परिवार के इतिहास, पिता की शहादत और भारतीय राजनीति में युवाओं की भागीदारी पर खुलकर बात की है. गुरमेहर का मानना है कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना और व्यवस्था से सवाल पूछना हर नागरिक का बुनियादी हक है. कहती हैं कि युवाओं की आवाज को पुलिस के मुकदमों या सोशल मीडिया ट्रोलिंग के जरिए दबाया नहीं जा सकता. 

राहुल गांधी से कैसे जुड़ी गुरमेहर?

गुरमेहर कौर और राहुल गांधी का जुड़ाव 2017 के उस दौर से है जब 20 साल की छात्रा गुरमेहर को ऑनलाइन धमकियां मिल रही थीं. उस समय राहुल गांधी ने खुलकर गुरमेहर का समर्थन किया था और कहा था कि भय और अत्याचार के खिलाफ असहमति की आवाज उठाने वाली इस बेटी के साथ पूरा देश खड़ा है. सालों बाद, जब देश का युवा NEET पेपर लीक और शिक्षा प्रणाली के संकट को लेकर सड़कों पर उतरा, तो राहुल गांधी की यूथ पॉलिटिक्स और गुरमेहर की विचारधारा एक बार फिर एक साथ आई. 

कांग्रेस पार्टी को संसद से लेकर सड़क तक सरकार को घेरने के लिए एक ऐसे यंग फेस की जरूरत थी, जो सीधे छात्रों के दिलों को छू सके. राहुल ने सीनियर पुराने चेहरों को पीछे रखकर गुरमेहर कौर को नेशनल प्रेस कॉन्फ्रेंस का इतना बड़ा प्लेटफॉर्म दे दिया. एक शहीद फौजी की बेटी होने के कारण सत्ता साइड के लिए उन पर राष्ट्रवाद के नाम पर पलटवार करना बेहद मुश्किल है.

राहुल ने अभी गुरमेहर को ही क्यों बनाया चेहरा?

गुरमेहर कौर अब सिर्फ सोशल मीडिया की 'पोस्टर गर्ल' नहीं रह गई हैं, बल्कि छात्र आंदोलनों का नया चेहरा बन चुकी हैं. उनका  राजनीतिक उभार यह साफ संकेत देता है कि देश की भावी राजनीति में अब युवा सिर्फ वोट बैंक नहीं होंगे, बल्कि देश का एजेंडे तय करने में उनकी सीधी भागीदारी होगी.

गुरमेहर कौर को अचानक प्रेस कॉन्फ्रेंस में नहीं उतारा गया, बल्कि इसके पीछे कांग्रेस के 'वार रूम' की एक लंबी प्लानिंग थी. कांग्रेस चाहती तो किसी और से एलान करा सकती थी. पार्टी ने 29 साल की गुरमेहर को न केवल चुना बल्कि पार्टी के सोशल मीडिया पोस्ट में उन्हें टैग किया. राहुल गांधी देश की राजनीति में 'लीडरशिप' का ढांचा बदलना चाहते हैं, जहां सिर्फ पारंपरिक राजनेता नहीं, बल्कि पढ़े-लिखे सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स और युवा एक्टिविस्ट पॉलिसी मेकिंग का हिस्सा बनें.

गुरमेहर कौर ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ी हैं. इंटरनेशनल लेवल पर क्रेडिबिलिटी रखती हैं. उन्होंने युवाओं की राजनीति पर पूरी किताब द यंग एंड द रेस्टलेस(The Young and the Restless) लिखी है. जब कांग्रेस ने NEET पेपर लीक के खिलाफ रणनीति बनाई, तो गुरमेहर को सिर्फ एक चेहरा नहीं, बल्कि छात्रों की समस्याओं का खाका तैयार करने वाली मुख्य रणनीतिकार के रूप में बैकएंड टीम में शामिल किया गया. गुरमेहर राजनीति में तो आ चुकी हैं लेकिन सवाल ये है कि उनका भविष्य आंदोलन के साथ आगे बढ़ेगा या यूथ कांग्रेस के नेता के तौर पर. हालांकि अभी साफ नहीं कि राहुल कैसे अपनी यूथ पॉलिटिक्स के लिए गुरमेहर को आगे रखेंगे.

गुरमेहर बनी आक्रामक चेहरा!

2017 में जब गुरमेहर कौर ने भारत-पाकिस्तान शांति का प्लेकार्ड उठाया था, तब उन्हें आसानी से घेर लिया था लेकिन इस बार पासा पूरी तरह पलट चुका है. आज गुरमेहर किसी अंतरराष्ट्रीय या सीमा विवाद पर नहीं, बल्कि सीधे देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य, उनकी मेहनत, और 'पेपर लीक' जैसे बुनियादी हक पर बात कर रही हैं. जब एक शहीद फौजी की बेटी राष्ट्रीय मंच पर बैठकर देश के छात्रों के आंसुओं और उनके कानूनी अधिकारों का हिसाब मांगती है तो विरोधी खेमे के लिए राष्ट्रवाद का कार्ड खेलना नामुमकिन हो जाता है. 

गुरमेहर कौर ने कांग्रेस के मंच से जिस लीगल एसओएस (SOS) हेल्पलाइन 98118-67474 का ऐलान किया है, उसने इस आंदोलन को सड़कों से उठाकर सीधे देश की अदालतों के दरवाजे पर खड़ा कर दिया है. अब तक होता यह था कि छात्र विरोध प्रदर्शन तो करते थे, लेकिन पुलिस केस या एफआईआर (FIR) होते ही उनका करियर बर्बाद होने के डर से आंदोलन बिखर जाता था. गुरमेहर ने इसी नब्ज को पकड़ा. उन्होंने साफ कहा कि,  'छात्रों, तुम सड़कों पर हक मांगो, कोर्ट में तुम्हारी लड़ाई हम लड़ेंगे. इस मास्टरस्ट्रोक ने आंदोलनकारी छात्रों के भीतर से पुलिस और मुकदमों का डर पूरी तरह खत्म कर दिया है, जिससे आंदोलन और और संगठित हो गया है. 

NEET पेपर लीक के खिलाफ शुरू हुआ CJP और छात्रों का ये आंदोलन अब थमा नहीं है. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद मिली बड़ी जीत से उत्साहित छात्र अब अपनी कानूनी लड़ाई की तैयारी में हैं, और इस लड़ाई को धार देने के लिए गुरमेहर कौर आंदोलन का सबसे नया, युवा और आक्रामक चेहरा बन चुकी हैं.

1,182 views