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खुफिया एजेंसियों से कैसे हुई इतनी बड़ी चूक?
लाल किला धमाके ने सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि पूरे देश को हिला दिया है। राजधानी के दिल में हुआ यह विस्फोट सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों पर बड़ा सवाल है। एनआईए, एसपीजी, दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और इंटेलिजेंस ब्यूरो अब धमाके की हर कड़ी को जोड़ने में जुटी हैं। फिलहाल, पूरे देश में हाई अलर्ट जारी है और लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, और किसी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।
दिल्ली फायर सर्विस को शाम करीब 7:05 बजे कॉल मिली, जिसके बाद 7 फायर टेंडर मौके पर भेजे गए। पुलिस ने तुरंत इलाके को घेर लिया और मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के आसपास का इलाका पूरी तरह सील कर दिया गया। मौके पर पहुंचे चश्मदीदों का कहना है कि उन्होंने “इतना तेज धमाका पहले कभी नहीं सुना।” एक स्थानीय दुकानदार ने बताया-“ऐसा लगा जैसे पूरा इलाका उड़ जाएगा, चारों तरफ चीख-पुकार मच गई।”
आसपास मौजूद लोगों के मुताबिक धमाके के बाद सड़क पर मानव अंग बिखरे पड़े थे, कई वाहनों में आग लगी थी। एनआईए की टीम को गृह मंत्री अमित शाह ने तुरंत मौके पर भेजने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि “किसी भी हाल में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।”
लाल किला ब्लास्ट के बाद सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र और गुजरात तक अलर्ट जारी कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने अमित शाह से बात कर हाई सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है। नोएडा, गाजियाबाद, गुड़गांव और फरीदाबाद में नाकेबंदी की जा रही है।मुंबई पुलिस और कोलकाता पुलिस ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। शहर के संवेदनशील इलाकों-रेलवे स्टेशन, मॉल, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक जगहों-पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। हर संदिग्ध वाहन की जांच की जा रही है और पेट्रोलिंग टीमों की संख्या बढ़ा दी गई है।
खुफिया एजेंसियों से कैसे हुई इतनी बड़ी चूक?सबसे बड़ा सवाल यही है कि राजधानी में इतना बड़ा धमाका हुआ और खुफिया एजेंसियों को भनक तक नहीं लगी। दिल्ली जैसे हाई सिक्योरिटी जोन में खुफिया अधिकारी सिविल ड्रेस में हमेशा एक्टिव रहते हैं। इसके बावजूद ये घटना कैसे हो गई
एक और कड़ी -क्या देशभर में कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय
दिल्ली ब्लास्ट के दिन ही जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हरियाणा और यूपी में फैले आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया था। यह नेटवर्क जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद से जुड़ा बताया जा रहा है। फारिदाबाद में 8 संदिग्धों को पकड़ा गया था, जिनमें तीन डॉक्टर भी शामिल थे। उनके ठिकाने से 360 किलो विस्फोटक और हथियार बरामद हुए थे। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या लाल किला ब्लास्ट का लिंक उसी मॉड्यूल से तो नहीं।
चश्मदीदों की दहशत भरी कहानी
एक स्थानीय निवासी राजधर पांडे ने बताया-“हमने धमाके की आवाज अपने घर से सुनी, खिड़कियां हिल गईं। नीचे आए तो चारों तरफ आग और धुआं था।” एक अन्य शख्स ने बताया-“सड़क पर किसी का हाथ पड़ा था… हम सदमे में थे, समझ नहीं पाए क्या हुआ।”


