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JOURNALIST VISHNUU AGARWWAL की EXCLUSIVE OPINION:जो बलात्कारी खुलेआम कुत्ते के रूप में भारत का जो पुरुष समाज है हम कह सकते हैं कि भारत का जो पुरुष समाज है वो कुत्ते के रूप में पूरे भारत में घूम रहा है और तीन साल की नन्ही बच्चियों के साथ घिनौना बलात्कार होता है। बड़े निरंकुश तरह के तरीके से बलात्कार होता है। बड़े-बड़े पत्थरों से मारकर उनके सिर कुचल दिए जाते हैं। राजस्थान हो, मध्य प्रदेश हो, हरियाणा हो, पश्चिम बंगाल हो, बिहार हो, गुजरात हो, भारत में कोई भी ऐसा राज्य नहीं है जहां से बलात्कार की जघन्य अपराध की घिनौनी निकृष्ट निरंकुश खबरें सामने नहीं आती हो। मैं विष्णु अग्रवाल आप सभी का स्वागत करता हूं। आप देख रहे हैं डेली इंडिया टाइम डिजिटल न्यूज़ चैनल। सुप्रीम कोर्ट ने अभी हाल में एक फैसला सुनाया कि जो रोड पर जो कुत्ते घूम रहे हैं, जो बाजारों में कुत्ते घूम रहे हैं या जो अस्पतालों के पास या रेलवे स्टेशन के पास, बस स्टैंड के पास या जितने भी जो सार्वजनिक स्थल हैं, वहां जो कुत्ते घूम रहे हैं, उन कुत्तों को पकड़ के कहीं समाज से, जनता से कहीं छुपा दिया जाए। कहीं उनको एक अलग स्थान दे दिया जाए ताकि वह मार्केट में सार्वजनिक स्थलों पर नजर ना आए और सभी राज्यों के जो राज्य सचिव हैं उनको यह आदेश भी दे दिया गया है कि आप सार्वजनिक स्थलों से पब्लिक प्लेस से डॉगीज़ को हटा दीजिए। सुप्रीम कोर्ट का ये फैसला एक तरफ 1% मान लेते हैं। ठीक है? 1% ओनली 99% नहीं। लेकिन सुप्रीम कोर्ट को कुत्तों को लेकर कितना भय है? सर भारत सरकार को कितना भय है। नरेंद्र मोदी सरकार को इन कुत्तों से कितना डर लगता है। कितना शर्मनाक है ये। अभी हम जो विषय आपके सामने रखने वाले हैं। कितना शर्मनाक है। भारत सरकार के लिए कलंक है। कानून व्यवस्था के लिए कलंक है। समस्त राज्य सरकारों के लिए कलंक है। इन सभी सरकारों को कानून व्यवस्था को सुप्रीम कोर्ट को हाई कोर्ट को कुत्तों से डर लगता है। कुत्तों के काटने से डर लगता है। लेकिन दोस्तों, सबसे बड़ा सवाल है कि भारत सरकार को राज्य सरकारों को और भारत की न्याय प्रणाली को बलात्कारियों से डर नहीं लगता। जो बलात्कारी खुलेआम कुत्ते के रूप में भारत का जो पुरुष समाज है हम कह सकते हैं कि भारत का जो पुरुष पुरुष समाज है वो कुत्ते के रूप में पूरे भारत में घूम रहा है और तीन साल की नन्ही बच्चियों के साथ घिनौना बलात्कार होता है। बड़े निरंकुश तरह के तरीके से बलात्कार होता है। बड़े-बड़े पत्थरों से मारकर उनके सिर कुचल दिए जाते हैं। राजस्थान हो, मध्य प्रदेश हो, हरियाणा हो, पश्चिम बंगाल हो, बिहार हो, गुजरात हो, भारत में कोई भी ऐसा राज्य नहीं है जहां से बलात्कार की जगण्य अपराध की घिनौनी निकृष्ट निरंकुश खबरें सामने नहीं आती हो। लेकिन भारत सरकार को नरेंद्र मोदी सरकार को अमित शाह जो गृह मंत्री हैं उनको जो राज्य की सरकारें हैं उनको और भारत के सुप्रीम कोर्ट को और हाई कोर्ट को उन बलात्कारियों से डर नहीं लगता। उन बलात्कारियों का ट्रीटमेंट ये भारत की सरकार और न्याय प्रणाली को करने में वो अपनी जिम्मेदारी नहीं मानते। उनको चिंता है इन कुत्तों की जो कि जानवर के रूप में घूम रहे हैं। अगर एक कुत्ता एक व्यक्ति को काट लेता है तो कौन सी आफत इन न्याय प्रणाली के सिर पर आ गिरी? कौन सी जो आफत है वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सिर पर आ गिरी या कौन सी आफत है जो दूसरे राज्यों की सरकारों के मुख्यंत्रियों पर आ गिरी? लेकिन इन बलात्कारियों को लेकर इन सरकारों की चुप्पी इनके मुंह पर कालिखित पोछती है। अभी हम बात करने वाले हैं महाराष्ट्र के। महाराष्ट्र में एक जघन्य अपराध सामने आया है। मात्र 3 साल की बच्ची जी हां, 3 साल की बच्ची के साथ एक बहुत ही घिनौने गंदे निकृष्ट तरीके से उसके साथ बलात्कार किया गया। और बलात्कार के बाद जो दोषी था, जो अपराधी था, जो रेपिस्ट था, जो आतंकवादी था, हिंदुस्तान डेली इंडिया टाइम्स पर मैं विष्णु अग्रवाल ये दावा करता हूं जो तीन साल की बच्चियों के साथ बलात्कार करता है वो व्यक्ति वो आतंकवादी से भी बड़ा अपराधी है। एक बार को आतंकवादी को बख्शा जा सकता है। लेकिन 3 साल 2 साल 1 साल 9 साल 4 साल की बच्चियों के साथ बलात्कार करने वालों को आतंकवादी से भी घिनौना और निकृष्ट नाम दिया जाना आवश्यक है। कितना लगता है भारत की न्याय प्रणाली बेबस हो गई है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस को शर्म आनी चाहिए। मुंह छुपा लिया है उन्होंने। अभी तक कोई भी महाराष्ट्र के मंत्री ने मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था ने उस उस अपराध के लिए दोषी को गिरफ्तार तक नहीं किया गया। सोचिए उस तीन साल की बच्ची के साथ जब बलात्कार हो रहा होगा विचार करिए अगर आप एक सच्चे अगर आप नालायक भारतीय हैं तो आपके लिए ये आत्महत्या कर देने जैसा है अपने वजूद को मिटा देने जैसा है जिस देश के अंदर 3 साल की बच्चियों के बलात्कार हो 9 साल की बच्चियों के बलात्कार हो 5 साल की बच्चियों के बलात्कार हो या 90 साल की औरत के साथ बलात्कार हो उस देश को महान कैसे कहा जा सकता नहीं कहा जा सकता भारत को महान क्योंकि भारत को महान महान बनाने के लिए इन बलात्कारियों को कुत्तों से पहले समाज से देश से नाचने पब्लिक प्लेस से सार्वजनिक स्थलों से इनको ढूंढ ढूंढ कर इनको सर्च करके इनको जेल की सलाखों के पीछे डालना पड़ेगा। इनको एक कचरे से भरे हुए गंदे डिब्बे में बंद करना पड़ेगा। ये जो बलात्कारी हैं ये समाज के मानवता के हिंदू धर्म के मुस्लिम धर्म के ईसाई धर्म के सिख धर्म के ये सभी धर्मों के दुश्मन है। इन बलात्कारियों को खुली हवा में सांस लेने का कोई अधिकार नहीं है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री हो ममता बनर्जी हो पूरे भारत में जानी जाती हैं। अपनी बेशर्मी वाले कानूनों के लिए क्योंकि पश्चिम बंगाल में जो बलात्कारों का सिलसिला है वो थम नहीं रहा है। वहां लगातार बलात्कार होते हैं। लेकिन महाराष्ट्र की जो तीन साल के बच्ची के साथ जो बलात्कार हुआ है, यह सरकार और कानून प्रणाली के मुंह पर तमाचा है।

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