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EXCLUSIVE INTERVIEW WITH DR. Mahesh Jangir/EDITOR VISHNUU AGARWWAL/DAILY INDIATIMES DIGITAL JOURNALISM PLATFORM

Journalist VISHNU AGARWAL को दिए एक खास इंटरव्यू में जयपुर के शास्त्रों नगर में स्थित NAV IMPERIAL HOSPITAL के सीनियर BARIATRICS SURGEON DR. MAHESH JANGIR ने कहा कि BARIATRIC SURGERY मोटापे से मुक्ति का स्थाई इलाज है साथ ही दूसरी अनेक बीमारियों से भी निजात मिलती है.

dr. Mahesh Jangir ने दावा करते हुए कहा कि आधुनिक BARIATRIC SURGERY मोटापे का permanently treatment है और सभी जरूरी जांच और COUNSELING के बाद ही रोगी को BARIATRICS SURGERY suggestion दिया जाता है. Dr. महेश ने कहा कि जीवनशैली और खानपान में बदलाव बहुत जरूरी है साथ ही लगातार शारीरिक कार्य भी किए जाने चाहिए.

dr. Mahesh Jangir ने कहा कि NAV IMPERIAL HOSPITAL में सभी आधुनिक surgery के साधन उपलब्ध हैं और विशेषज्ञ चिकित्सक की टीम भी है. Dr. Mahesh Jangir ने BARIATRICS SURGERY से जुड़े सभी सवालों के खुलकर जवाब दिए

तो सिंपल भाषा में बात करें तो ओवर ईटिंग जो कैलोरी इंटेक होता है हमारा वह एक्सेस हो जाए और कैलोरी बर्न कम हो तो इस कंडीशन में जो एक्सेस फैट है वो बॉडी में डिपॉजिट हो जाती है जिसे हम ओबेसिटी या मोटापा बोलते हैं। तो हम बात करें जब जैसा आपने बताया अभी खानपान जो हमारी लाइफ स्टाइल इतनी चेंज हो गई है कि हम प्रोसेस फूड पे जो जो प्रोसेस फूड होता है उसका इंटेक बढ़ गया है। लाइफस्टाइल इतनी चेंज हो गई है। एक फोन कॉल पे हमारे पास प्रोसेस फूड अवेलेबल होता है। नाइट शिफ्ट्स करते हैं मेट्रो सिटीज में तो डेली लेट खाना, लाइफस्टाइल चेंज होना, इन सबको देखते हुए ओबेसिटी एक बहुत-बहुत अह भयंकर बीमारी का रूप लेने ले रही है और यह अर्बनाइजेशन जो हुआ है मेट्रो सिटीज में उसका भी एक बहुत बड़ा रोल है।

अपेंडिक्स एक ऑर्गन होता है अपनी शरीर में जो स्मॉल इंटेस्टाइन और लार्ज इंटेस्टाइन के जो जंक्शन होता है वहां पे यह एक ट्यूब लाइक स्ट्रक्चर होती है जो कि हमारे शरीर में वेस्टीजियल ऑर्गन की तरह होती है। इट मीन ये शरीर में है बट इसका कोई फंक्शन नहीं है। बट जो टीनएज होते हैं उनमें किसी वजह से जो अपेंडिक्स है उसमें लिंफोइड टिश्यू होता है उसमें इंफेक्शन हो जाए या उसमें फिकल मैटर इंपैक्ट हो के उसमें इंफेक्शन हो जाए तो इसमें इंफ्लामेशन होता है। सीवियर पेन होता है और यह एक डिजीज में कन्वर्ट हो जाता है जिसे हम एक्यूट अपेंडिसाइटिस बोलते हैं। इसमें जनरली फीवर होता है। नजिया होती है। वोमिटिंग सीवियर राइट लोअर एब्डोमेन में पेन होता है। तो इनिशियल 24 आवर्स या अगर हम बात करें एक या दो दिन में पेशेंट प्रेजेंट कर दे डॉक्टर के पास तो इसका ट्रीटमेंट बहुत आसान है जिसे हम लेप्रोस्कोपिक अपेंडिकेक्टोमी बोलते हैं। बट इसमें अगर दो-तीन दिन तक पेशेंट मेडिसिन घर पे लेता रहे या पेन को अवॉइड करता रहे तो यह इनफ्लामेशन होके अपेंडिक्स फट जाती है जिसे हम रप्चर बोलते हैं। बाद में धीरे-धीरे वहां पे लंप बन जाता है। वहां पे एब्सिस हो जाता है। और अगर हम टाइमली उसका इंटरवेंशन नहीं करें, ट्रीटमेंट नहीं लें, तो यह एक सीवियर इमरजेंसी बनती है जिसमें हमारे पेट में पूरे पेट में इनफेक्शन फैल के पैरोटनाइटिस कर देती है जो कि एक गंभीर बीमारी बन जाती है। तो अपेंडिक्स का मैं यह बोलूंगा कि टाइमली इंटरवेंशन बहुत जरूरी

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